आम सवाल
कुंडली मिलान में 36 में से कितने गुण मिलने चाहिए?
परंपरा में 18 या उससे अधिक अंक स्वीकार्य, 24+ अच्छा और 28+ उत्तम माना जाता है। लेकिन कुल अंक आधी कहानी है — कौन-सा कूट कमज़ोर है, यह उतना ही मायने रखता है। नाड़ी (8 अंक) और भकूट (7 अंक) सबसे भारी कूट हैं; कम स्कोर का अर्थ अस्वीकृति नहीं, बल्कि गहराई से जांच का संकेत है।
क्या यह गुण मिलान कैलकुलेटर मुफ्त है? गणना किस आधार पर होती है?
हां, यह टूल पूरी तरह मुफ्त है — कोई साइन-अप नहीं। दोनों की चंद्र-राशि और नक्षत्र वास्तविक खगोलीय गणना (लाहिरी अयनांश) से निकाले जाते हैं, फिर आठों कूट — वर्ण, वश्य, तारा, योनि, ग्रह मैत्री, गण, भकूट, नाड़ी — के अंक और मंगल दोष की जांच दिखाई जाती है। दोष-निवारण (परिहार) और नवांश सहित पूर्ण मिलान Shivanii द्वारा ₹1,299 की सशुल्क सेवा है।
नाड़ी दोष या मंगल दोष निकले तो क्या विवाह नहीं हो सकता?
ऐसा नहीं है। नाड़ी दोष के निवारण-नियम (परिहार) शास्त्रों में सबसे अधिक हैं — जैसे नक्षत्र-चरण भेद — और मंगल दोष दोनों कुंडलियों में होने पर प्रायः परस्पर निरस्त माना जाता है। इसलिए केवल दोष दिखने पर निर्णय न लें; निर्णय से पहले परिहार की जांच अवश्य कराएं। कोई भी टूल या ज्योतिषी विवाह की सफलता की गारंटी नहीं दे सकता — मिलान एक पारंपरिक मार्गदर्शन है।
जन्म का सही समय न पता हो तो मिलान कितना भरोसेमंद है?
यह मिलान पूरी तरह चंद्रमा की स्थिति पर आधारित है, और चंद्रमा तेज़ चलता है — लगभग 13° प्रतिदिन — यानी एक ही दिन में राशि या नक्षत्र बदल सकता है। समय न देने पर टूल सूर्योदय का अनुमान लेता है और परिणाम में यह बात ईमानदारी से बता देता है। ऐसे में सही जन्म-समय मिलते ही मिलान दोबारा जांच लेना उचित है।