सातों चौघड़िया — कौन शुभ, कौन अशुभ
| चौघड़िया | स्वामी | फल | किस काम के लिए |
|---|---|---|---|
| अमृत | चंद्र | सर्वश्रेष्ठ | हर शुभ कार्य |
| शुभ | गुरु | शुभ | विवाह, पूजा, धार्मिक कार्य |
| लाभ | बुध | शुभ | व्यापार आरंभ, खरीदारी, नया काम |
| चर | शुक्र | शुभ (गतिशील) | यात्रा, वाहन, चलते-फिरते काम |
| काल | शनि | अशुभ | टालें (धन-संचय अपवाद परम्परा में) |
| रोग | मंगल | अशुभ | टालें (विवाद/प्रतियोगिता अपवाद) |
| उद्वेग | सूर्य | अशुभ | टालें (सरकारी काम अपवाद परम्परा में) |
आम सवाल
चौघड़िया क्या है और कैसे बनता है?
दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात, दोनों को 8-8 बराबर भागों में बांटा जाता है — हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का, इसीलिए नाम 'चौ-घड़िया' (चार घड़ी)। हर भाग का एक स्वामी ग्रह है, और उसी से उसका फल तय होता है: अमृत, शुभ, लाभ, चर शुभ माने जाते हैं; काल, रोग, उद्वेग अशुभ।
किस काम के लिए कौन-सा चौघड़िया चुनें?
अमृत — हर शुभ कार्य के लिए सर्वोत्तम। शुभ — विवाह, पूजा, धार्मिक कार्य। लाभ — व्यापार, नया काम, खरीदारी। चर — यात्रा और चलते-फिरते काम। काल/रोग/उद्वेग में नए काम टालें — पर ध्यान रहे, चौघड़िया के साथ राहु काल भी देखना चाहिए।
अभिजीत मुहूर्त क्या है?
दोपहर के आसपास (स्थानीय मध्याह्न के लगभग 24 मिनट आगे-पीछे) का छोटा-सा दैनिक मुहूर्त, जो लगभग हर काम के लिए शुभ माना जाता है — बुधवार को छोड़कर। जब कोई और शुभ समय न मिले तो अभिजीत सबसे भरोसेमंद विकल्प है। ऊपर के टूल में आज का सटीक अभिजीत समय दिया है।
हर शहर का चौघड़िया अलग क्यों होता है?
चौघड़िया सूर्योदय-सूर्यास्त पर आधारित है, और हर शहर का सूर्योदय अलग समय पर होता है। इसीलिए दिल्ली और मुंबई का एक ही दिन का चौघड़िया कई मिनट अलग रहता है — यहां हर शहर की अपनी खगोलीय गणना होती है।
साथ में देखें: आज का राहु काल · पूरा पंचांग · अपनी कुंडली से शुभ दिन: शुभ मुहूर्त टूल