॥ श्री गणेशाय नमः ॥

कृष्ण जन्माष्टमी 2026 — कब है, शुभ मुहूर्त

Krishna Janmashtami 2026 · तारीख खगोलीय गणना से, अनुमान से नहीं

4 सितम्बर 2026, शुक्रवार

शुभ चौघड़िया: चर 06:00–07:35 · लाभ 07:35–09:10 · अमृत 09:10–10:45 · शुभ 12:20–13:54 · चर 17:04–18:39

अभिजीत मुहूर्त: 11:5412:45

समय दिल्ली सूर्योदय से — अपने शहर का सटीक समय चौघड़िया टूल में देखें

महत्व

भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। रोहिणी नक्षत्र से युक्त अष्टमी विशेष फलदायी मानी जाती है — व्रत, रात्रि-जागरण और मध्यरात्रि के जन्म-क्षण की पूजा इस पर्व का केंद्र हैं।

पूजा विधि — क्या किया जाता है

दिन भर व्रत, शाम को झांकी-श्रृंगार, मध्यरात्रि (निशीथ काल) में जन्मोत्सव — पंचामृत अभिषेक, माखन-मिश्री भोग और आरती। अगले दिन दही-हांडी की परम्परा है।

आम सवाल

कृष्ण जन्माष्टमी 2026 में कब है?
कृष्ण जन्माष्टमी 2026 में 4 सितम्बर 2026 (शुक्रवार) को है। यह तारीख वास्तविक खगोलीय गणना (लाहिरी अयनांश, सूर्योदय-व्यापिनी तिथि परम्परा) से निकाली गई है — स्थानीय पंचांग से एक दिन का अंतर संभव है।
कृष्ण जन्माष्टमी पर पूजा का शुभ समय क्या रहेगा?
उस दिन के शुभ चौघड़िया (दिल्ली सूर्योदय से): चर 06:00–07:35, लाभ 07:35–09:10, अमृत 09:10–10:45, शुभ 12:20–13:54, चर 17:04–18:39; अभिजीत मुहूर्त 11:54–12:45। आपके शहर में कुछ मिनट का अंतर होगा — अपने शहर का सटीक चौघड़िया हमारे चौघड़िया टूल में देखें।
कृष्ण जन्माष्टमी का महत्व क्या है?
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। रोहिणी नक्षत्र से युक्त अष्टमी विशेष फलदायी मानी जाती है — व्रत, रात्रि-जागरण और मध्यरात्रि के जन्म-क्षण की पूजा इस पर्व का केंद्र हैं।

2026 के अन्य व्रत-त्योहार

हरतालिका तीज · गणेश चतुर्थी · शारदीय नवरात्रि · दशहरा (विजयादशमी) · शरद पूर्णिमा · करवा चौथ · अहोई अष्टमी · धनतेरस · दिवाली (दीपावली) · गोवर्धन पूजा (अन्नकूट) · भाई दूज · छठ पूजा · देव दीपावली (कार्तिक पूर्णिमा)

पूरा कैलेंडर: व्रत एवं त्यौहार 2026 · उस दिन का पंचांग: पंचांग टूल · राहु काल: यहां देखें